ये कालचक्र है,
गतिमान है,
अनुशाहित है।
अनुसरण करता है यह जिसका,
कुछ नियम है,
अपरिभाषित है।
यह वह भूमि भी है,
जिसमे हम बोकर वर्तमान के बीज,
काटते है भविष्य की फसल।
यदि पोषित करे वर्तमान को,
मधुर भविष्य का फल होगा।
जो भी है बस यही एक पल है,
सोचिये मत, क्या कल होगा।
Friday, December 18, 2009
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2 comments:
simply ....The BEST .!!!.
Thanks
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